प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कल मणिपुर जाएंगे, जहाँ वे लंबे समय से अशांति झेल रहे इस उत्तर-पूर्वी राज्य में शांति और विकास का नया संदेश देकर आए। अपने दौरे के दौरान प्रधानमंत्री ने कई बड़ी परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे, जिनकी कुल लागत लगभग ₹2,500 करोड़ आंकी गई है।
दौरे की शुरुआत चूड़ाचांदपुर से
पीएम मोदी का पहला कार्यक्रम चूड़ाचांदपुर में रहेगा। यहाँ उन्होंने राहत शिविरों में रह रहे विस्थापित लोगों से मुलाकात करेंगे और उन्हें विश्वास दिलाएंगे कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर स्थायी समाधान और पुनर्वास सुनिश्चित करेंगी। इसी के साथ प्रधानमंत्री ने ₹1,300 करोड़ की नई परियोजनाओं की आधारशिला भी रखेंगे।
इम्फाल में जनसभा और कांगला दौरा
इसके बाद प्रधानमंत्री इम्फाल पहुचेंगे । ऐतिहासिक कांगला फोर्ट परिसर में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने विभिन्न योजनाओं का उद्घाटन करेंगे, जिनकी लागत लगभग ₹1,200 करोड़ है।
सरकार का फोकस: सुरक्षा और स्थिरता
राज्य के मुख्य सचिव पुनीत कुमार गोयल ने बताया कि मणिपुर में हालात धीरे-धीरे सामान्य हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का यह दौरा न केवल विकास परियोजनाओं को गति देगा, बल्कि लोगों के मनोबल को भी मजबूत करेगा।
स्थानीय उम्मीदें
स्थानीय नागरिकों का मानना है कि प्रधानमंत्री की पहल से रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे में सुधार की दिशा में ठोस कदम उठेंगे। खासकर चूड़ाचांदपुर और इंफाल घाटी के बीच बेहतर समन्वय और शांति स्थापित होने की उम्मीद जताई जा रही है।
👉 निष्कर्ष: मणिपुर दौरा केवल परियोजनाओं का उद्घाटन नहीं, बल्कि केंद्र सरकार का यह संदेश भी है कि राज्य की चुनौतियों को अनदेखा नहीं किया जाएगा। अब देखना यह होगा कि इन योजनाओं का असर ज़मीनी स्तर पर कितनी जल्दी दिखाई देता है।









