नई दिल्ली – आज पूरे देश में गणेश चतुर्थी धूमधाम से मनाई जा रही है। सुबह से ही मंदिरों और घरों में भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित कर विशेष पूजा-अर्चना की गई। ‘गणपति बप्पा मोरया’ के जयघोष से गलियां और चौक गूंज उठे।
गणेश चतुर्थी, जिसे विनायक चतुर्थी भी कहा जाता है, हर साल भाद्रपद मास की शुक्ल पक्ष चतुर्थी को मनाई जाती है। इसे विघ्नहर्ता और मंगलकर्ता गणेश जी के आगमन का पर्व माना जाता है।
इस अवसर पर मुंबई, पुणे, हैदराबाद और नागपुर सहित महाराष्ट्र के शहरों में विशेष रौनक देखने को मिल रही है। लालबाग के राजा सहित बड़े पंडालों में भव्य सजावट की गई है और लाखों भक्त दर्शन के लिए उमड़ रहे हैं। वहीं दिल्ली, भोपाल, अहमदाबाद, बेंगलुरु और कोलकाता में भी घर-घर गणपति बप्पा का स्वागत किया गया है।
धार्मिक मान्यता के अनुसार, गणपति स्थापना 10 दिनों तक की जाती है और अनंत चतुर्दशी के दिन गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन किया जाता है। इस दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रम, भजन-कीर्तन और सामाजिक गतिविधियां भी आयोजित की जाती हैं।
पर्यावरण का ध्यान
इस बार कई जगहों पर पर्यावरण को देखते हुए इको-फ्रेंडली गणेश प्रतिमाओं का प्रचलन बढ़ा है। मिट्टी और प्राकृतिक रंगों से बनी प्रतिमाएं लोग घर ला रहे हैं, ताकि विसर्जन के समय जल प्रदूषण न हो।
प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति की शुभकामनाएं
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने देशवासियों को गणेश चतुर्थी की शुभकामनाएं दीं। नेताओं ने संदेश में कहा कि भगवान गणेश सभी के जीवन से विघ्न दूर कर सुख, समृद्धि और शांति प्रदान करें।






