नई दिल्ली : अमेरिका ने आधिकारिक तौर पर भारत से आने वाले कई उत्पादों पर 50% टैरिफ लागू कर दिया है। पहले से लगे 25% शुल्क के साथ अब अतिरिक्त 25% जोड़े जाने के बाद भारतीय निर्यात पर यह शुल्क अमेरिका की व्यापारिक नीति के इतिहास में सबसे ऊँचे स्तरों में से एक है।
क्या है मामला?
27 अगस्त 2025 की आधी रात (ईस्टर्न डेलाइट टाइम) से यह नया टैरिफ प्रभावी हो गया। अमेरिकी प्रशासन ने इसे भारत द्वारा रूस से लगातार तेल आयात करने की वजह से “राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा” बताते हुए लागू किया है।
असर और आर्थिक झटका
- इस कदम से भारत के लगभग 55% निर्यात (करीब 87 अरब डॉलर के माल) प्रभावित होंगे।
- टेक्सटाइल, रत्न और आभूषण, इंजीनियरिंग सामान, समुद्री उत्पाद और जूते-चप्पल जैसे उद्योगों को सबसे अधिक झटका लगने की आशंका है।
- ऑर्डर में 30% तक की गिरावट का खतरा जताया जा रहा है।
- टैरिफ लागू होने के बाद भारतीय रुपया कमजोर हुआ और शेयर बाजारों में गिरावट दर्ज की गई।
- अर्थशास्त्रियों का अनुमान है कि भारत की GDP वृद्धि दर सालाना 0.8% तक घट सकती है।
भारत की प्रतिक्रिया और रणनीति
भारत ने इस कदम को “अनुचित, अन्यायपूर्ण और चुनिंदा कार्रवाई” बताया है।
सरकार का कहना है कि रूस से कच्चे तेल की खरीद 1.4 अरब की आबादी की ऊर्जा ज़रूरतें पूरी करने के लिए ज़रूरी है।
भारत ने कुछ अहम कदम उठाए हैं:
- प्रभावित निर्यातकों को अस्थायी वित्तीय मदद और प्रोत्साहन पैकेज।
- चीन, लैटिन अमेरिका और मध्य-पूर्व जैसे बाजारों में निर्यात बढ़ाने की रणनीति।
- प्रधानमंत्री मोदी ने संदेश दिया: “कितना भी दबाव आए, भारत अपनी ताकत बढ़ाता रहेगा।”
कूटनीतिक असर
आर्थिक तनाव के बावजूद दोनों देशों ने अपनी रणनीतिक साझेदारी और क्वाड ढांचे में सहयोग बनाए रखने की पुष्टि की है। हालांकि, विशेषज्ञ मानते हैं कि यह टैरिफ संकट भारत-अमेरिका के रिश्तों में गहरी दरार पैदा कर सकता है।
संक्षिप्त सारणी
| विषय | विवरण |
|---|---|
| कुल टैरिफ | 50% (25% पुराना + 25% नया) |
| लागू होने की तारीख | 27 अगस्त 2025, रात 12:01 बजे (EDT) |
| प्रभावित निर्यात | भारत का लगभग 55% निर्यात (87 अरब डॉलर) |
| प्रभावित सेक्टर | टेक्सटाइल, आभूषण, इंजीनियरिंग सामान, समुद्री उत्पाद, जूते |
| संभावित असर | GDP 0.8% घट सकती है, बाजारों में गिरावट |
| भारत की रणनीति | निर्यातकों को मदद, नए बाजारों की तलाश |
| रिश्तों पर असर | साझेदारी जारी, पर व्यापारिक तनाव गहराया |

