प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “देश का राजकोषीय घाटा लगभग 4.4 प्रतिशत है। हमारे बैंकिंग तंत्र पहले से कहीं अधिक सशक्त हैं। 2017 के बाद से महंगाई दर अपने न्यूनतम स्तर पर है। ब्याज दरें भी कम बनी हुई हैं और विदेशी मुद्रा भंडार रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच चुका है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज भारत की अर्थव्यवस्था और विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर अपनी बात रखी। उन्होंने घोषणा की कि देश का पहला मेड-इन-इंडिया सेमीकंडक्टर चिप वर्ष 2025 के अंत तक बाजार में उपलब्ध होगा। साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि सरकार मेड-इन-इंडिया 6G नेटवर्क विकसित करने की दिशा में तेज़ी से काम कर रही है। पीएम मोदी ने आर्थिक सुधारों को देश की ज़रूरत बताते हुए कहा कि उनकी सरकार इस दिशा में पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने विश्वास जताया कि आज का भारत सुधार और नवाचार के ज़रिए वैश्विक अर्थव्यवस्था को नई गति देने में सक्षम है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त को लाल किले से किए गए अपने वचन को दोहराते हुए कहा कि दिवाली तक माल एवं सेवा कर (GST) सुधार लागू कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि बीते दस वर्षों में किए गए आर्थिक सुधारों और नई पहलों के चलते भारत की अर्थव्यवस्था आज मजबूत आधार पर खड़ी है। मोदी ने कहा कि भारत विश्व की सबसे तेज़ी से प्रगति करने वाली अर्थव्यवस्था है और जल्द ही दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है।
अगली पीढ़ी के सुधारों की बात
नई दिल्ली में एक मीडिया हाउस के सम्मेलन को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि यह आयोजन बिल्कुल उपयुक्त समय पर हुआ है और वे इसकी सराहना करते हैं। उन्होंने बताया कि लाल किले से उन्होंने आने वाली पीढ़ी के सुधारों का उल्लेख किया था और यह मंच उसी विचार को और व्यापक रूप से आगे बढ़ा रहा है। पीएम मोदी ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस के एक सप्ताह के भीतर जो कदम उठाए गए हैं, वह सबके सामने हैं। उन्होंने यह भी बताया कि वैश्विक विकास में भारत का योगदान बहुत जल्द 20 प्रतिशत तक पहुंच जाएगा। भारतीय अर्थव्यवस्था की यह मजबूती और तेज़ी, पिछले एक दशक में किए गए सुधारों का परिणाम है। इन सुधारों के चलते आज हमारे मैक्रोइकॉनॉमिक संकेतक मजबूत स्थिति में हैं।
राजकोषीय घाटा 4.4 प्रतिशत के करीब
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि देश का राजकोषीय घाटा लगभग 4.4 प्रतिशत पर है और आज हमारे बैंक पहले से कहीं ज्यादा मज़बूत स्थिति में हैं। उन्होंने बताया कि 2017 के बाद से मुद्रास्फीति सबसे निचले स्तर पर है, ब्याज दरें कम हैं और विदेशी मुद्रा भंडार रिकॉर्ड ऊंचाई पर है। छोटे निवेशक भी SIP (सिस्टेमेटिक इन्वेस्टमेंट प्लान) के जरिए हर महीने हजारों करोड़ रुपये का निवेश कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि पिछले एक सप्ताह में सामने आए ये सभी संकेतक भारत की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था का बेहतरीन उदाहरण हैं। मोदी जी ने यह भी बताया कि जून में ईपीएफओ के आंकड़ों के अनुसार संगठित क्षेत्र में 22 लाख नई नौकरियां जुड़ीं, जो अब तक का सबसे बड़ा रोजगार सृजन है।
इसके साथ ही उन्होंने कहा कि सोलर पीवी सेल की क्षमता 100 गीगावॉट तक पहुंच चुकी है। वहीं, दिल्ली एयरपोर्ट की यात्री क्षमता हर साल 10 करोड़ तक हो गई है, जिससे यह दुनिया के छह सबसे बड़े हवाई अड्डों की सूची में शामिल हो गया है।
भारत की रेटिंग में आया सुधार
“प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि वैश्विक रेटिंग एजेंसी एसएंडपी ने लगभग 20 साल बाद भारत की क्रेडिट रेटिंग में सुधार किया है। उन्होंने बताया कि भारत अपनी मजबूत अर्थव्यवस्था और निरंतर विकास के चलते पूरी दुनिया के लिए आशा का केंद्र बन रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत में इतनी क्षमता है कि वह वैश्विक सुस्ती को पीछे छोड़कर नई दिशा दे सकता है। हम केवल किनारे बैठकर परिस्थिति का तमाशा देखने वाले नहीं हैं, बल्कि बहती धारा का रुख बदलने की शक्ति रखने वाले हैं। जैसा मैंने लाल किले से भी कहा था, भारत समय की धारा को मोड़ने की क्षमता के साथ आगे बढ़ रहा है।”








